Katni News: महापुरुषों द्वारा उपयोग की गई सामग्री भी धन्य हो जाती है- मुनि

                              
  कटनी/ महा पुरुष एवं धर्म पुरुषों द्वारा उपयोग की गई अंतिम सामग्री भी धन्य होती है । उसकी वजह है कि जिन व्यक्ति द्वारा किए गए त्याग परोपकार और उनके धर्म मार्ग पर चलने की शुरुआत की जाती है वहीं लोगों के लिए उनके गुण उनके विचार प्रेरणादायक बनते है आज भी संग्रहालयों और मंदिरों में महापुरुषों और दिव्य पुरुषों धर्म पुरुषों द्वारा उपयोग की गई सामग्री शिलाए सिंहासन छड़ी साइकिल और राजा महाराजाओं द्वारा उपयोग किए गए सिंहासन और अन्य सामग्री जहां दर्शनीय होती है वही उन दिव्य पुरुषों की महानता का प्रतीक है । हमें भी ऐसे कर्म करना चाहिए जिससे कि हमारे कर्म हमारे विचार लोगों के लिए प्रेरणादायक और यादगार जीवन पर बने रहे । मुनि श्री से आगे कहा कि शास्त्रों में लिखा है जिस गुफा में, जिस स्थान पर, जिस कक्ष में, जिस आसान पर, जिस तखत पर गुरूवर आचार्य श्री मुनिवर विराजमान हो गये और अगर उस स्थान को छोड़कर दूसरे जगह विहार करके चले जाते है
तो यात्रियों के लिए,दर्शनार्थियों के लिए वंदना करने वालों के लिए वह स्थान भी वंदनीय हो जाता है। उक्त विचार मुनि श्री ने पंचकल्याण धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। आचार्य ज्ञान सागर सभागार नई बस्ती मे पूरे मंत्रोच्चार एवं विधि विधान से हुआ भगवान का अभिषेक पूजन हुआ। श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महोत्सव महायज्ञ एवं विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव में प.पू. निर्यापक मुनि समता सागर जी महाराज एवं मुनिसंघ के सानिध्य में बाल ब्रम्हचारी विनय भैया जी बंडा वाले एवं पंडित शैलेन्द्र जैन,पं. विकास शास्त्री  के मार्गनिर्देशन मेें प्रातः पूजन अभिषेक किया गया । इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा श्रीजी का 108 कलशों से अभिषेक किया गया।

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